Naya Path
August 20, 2025
Hum Dekhenge / हम देखेंगे
हम देखेंगे दो ज़ुबानों में निकलने वाली एक सांस्कृतिक बुलेटिन है. पीडीऍफ़ के रूप में ही इसका प्रसारण होता है.
हम देखेंगे दो ज़ुबानों में निकलने वाली एक सांस्कृतिक बुलेटिन है. पीडीऍफ़ के रूप में ही इसका प्रसारण होता है.
घर की सारी घड़ियों के बंद पड़े होने की समस्या के साथ पति-पत्नी में बातों का जो सिलसिला शुरू होता
प्रदीप अवस्थी के पास गहरी उदासी की कविताएं हैं तो आक्रोश, संघर्ष और उम्मीद की भी। लगभग सभी महत्वपूर्ण पत्रिकाओं
‘ढाई आखर प्रेम : राष्ट्रीय सांस्कृतिक जत्था’ 28 सितंबर 2023 (भगत सिंह जन्म दिवस) से लेकर 30 जनवरी 2024 (महात्मा
केशव तिवारी के प्रकाश्य संग्रह नदी का मर्सिया तो पानी ही गायेगा से सात कविताएं —————————————————————————– कवि कविता से कुछ
हिंदी में दो तरह के फ़िल्मकार हैं। एक वे जिनका मकसद सामाजिक बदलाव से प्रेरित सोद्देश्य फ़िल्म बनाना है, और