नया पथ
September 24, 2025
डिप्टी कलेक्टरी: एक पाठकीय नज़र / माधव महेश
कथाकार अमरकांत के इस जन्मशती वर्ष में आप पहले ‘ज़िंदगी और जोंक’ पर चंचल चौहान का लेख पढ़ चुके हैं।
कथाकार अमरकांत के इस जन्मशती वर्ष में आप पहले ‘ज़िंदगी और जोंक’ पर चंचल चौहान का लेख पढ़ चुके हैं।
‘एक भ्रांति है कि किसी नामचीन आलोचक के फ़तवे से कोई कहानी महान हो सकती है। वह कालजयी तो अपनी