नया पथ
October 12, 2025
कलकत्ता से केरल तक / ज्योति शोभा
‘रूपाली दत्ता और अन्य कविताएँ’ लिखने वाली शानदार कवि ज्योति शोभा का यह यात्रा-संस्मरण जितना दिलचस्प है, उतना ही बहसतलब
‘रूपाली दत्ता और अन्य कविताएँ’ लिखने वाली शानदार कवि ज्योति शोभा का यह यात्रा-संस्मरण जितना दिलचस्प है, उतना ही बहसतलब
‘जब मैं कहूँ कि शेक्सपीयर एक कहानी है जो भुला दी गयी है, कि अब वह किसी को याद नहीं
शंकर दयाल सिंह (1937–1995) एक प्रखर कांग्रेस नेता, विद्वान स्तंभकार और हिंदी के सजग प्रहरी थे। 33 वर्ष की आयु
सन 2000 में इन पंक्तियों के लेखक ने अपने बचपन के मुहल्ले में एक सिनेमा हॉल के बनने और बंद