अंतराल / अखिलेश सिंह

अखिलेश सिंह की इस छोटी-सी कहानी में आप जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं, कथाभाषा अधिक परिपक्व-चुहलबाज़ होती जाती है और कथा-स्थितियाँ

जोंक / गोविंद निषाद

स्त्री-पुरुष के बीच मित्रता का संबंध इतना असंभव-सा क्यों है?–कोई 70-75 साल पहले इस समस्या को केंद्र में रखकर मुक्तिबोध