नया पथ
October 5, 2025
छह ग़ज़लें / आभा खरे
आभा खरे स्वतंत्र लेखन करती हैं। न्यूयॉर्क में स्थित भारतीय कौंसलवास से निकलने वाली वैश्विक हिन्दी पत्रिका ‘अनन्य’ में संपादन सहयोग
आभा खरे स्वतंत्र लेखन करती हैं। न्यूयॉर्क में स्थित भारतीय कौंसलवास से निकलने वाली वैश्विक हिन्दी पत्रिका ‘अनन्य’ में संपादन सहयोग
फ़ैज़ाबाद के एक मशहूर क़स्बे रौनाही में जन्मे इल्तिफ़ात माहिर ने कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक और वकालत की पढ़ाई के
‘वहाँ से भागकर पछता रहे हैं/ जहाँ सब कुछ लुटाना चाहिए था’–लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की ग़ज़लें आसान भाषा में गहरा
‘रामेश्वर प्रशांत की कविताओं में प्रकृति की कठोरता चित्रित है तो प्राकृतिक उपादानों के माध्यम से दुराचारियों-अत्याचारियों की करतूतों का