नया पथ
December 24, 2025
विनोद कुमार शुक्ल का उपन्यास ‘नौकर की कमीज़’ और मणि कौल की फ़िल्म / जवरीमल्ल पारख
आज विनोद कुमार शुक्ल को याद करते हुए थोड़े बदलाव के साथ जवरीमल्ल पारख का यह आलेख। इसका यह बलाघात
आज विनोद कुमार शुक्ल को याद करते हुए थोड़े बदलाव के साथ जवरीमल्ल पारख का यह आलेख। इसका यह बलाघात
“मैं जीवन भर यह अनुसंधान करता रहा हूँ कि किस प्रकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों की परंपरा और उनके विकास
“भारतीय संविधान के मूल में यह मान्यता थी कि भारत विभिन्न राष्ट्रीयताओं का संघ है क्योंकि भारत विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रीय
भाषा का मसला पहले से भी, और इन दिनों विशेष रूप से, विवादों में रहा है। हमें कैसी हिंदी चाहिए,
‘पुलवामा के बाद बालाकोट पर हुई ज्यादा बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक ने भी आतंकवादी हमलों पर रोक नहीं लगायी बल्कि उरी
1965 के भारत-पाक युद्ध में इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नॉलजी के साथ आज की स्थितियों की तुलना नहीं हो सकती,
उन्नीसवीं सदी के लगभग मध्य का महाराजा लाइबेल केस यों तो भली-भांति दस्तावेज़ीकृत है, पर इतिहास का सामान्य ज्ञान रखने