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लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता

नया पथ May 29, 2025

पाँच ग़ज़लें / लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता

‘वहाँ से भागकर पछता रहे हैं/ जहाँ सब कुछ लुटाना चाहिए था’–लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता की ग़ज़लें आसान भाषा में गहरा

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