नया पथ
October 5, 2025
बंद कमरे में एक सदी का क़िस्सा है ‘आफ़ताब हाउस’ / समीना ख़ान
“हालाँकि फिल्म पकिस्तान की सरज़मीं पर लिखी और फिल्मायी गयी है मगर इसकी गिरफ़्त में दोनों मुल्कों के बँटवारे और
“हालाँकि फिल्म पकिस्तान की सरज़मीं पर लिखी और फिल्मायी गयी है मगर इसकी गिरफ़्त में दोनों मुल्कों के बँटवारे और
क्या कोई ऐसी कहानी हो सकती है जिसमें घटनाएँ नदारद हों, फिर भी आपको एक क़ायदे की शुरुआत मिले और
‘मौसिक़ी की दुनिया के इस शाहकार का शुमार रहती दुनिया तक किसी नायाब अजूबे से कम नहीं।’– साहिर की लिखी
2024 के राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान से सम्मानित ‘राकिया की अम्मा’ को पढ़ते हुए किसी वरिष्ठ, तथापि अ-गरिष्ठ, उस्ताद