नया पथ
August 31, 2025
चार कविताएँ / डॉ. पल्लवी
‘व्याकुल मन को जीतकर/ इच्छाशक्ति से नव निर्माण के लिए/ सब तोड़ती हुई स्त्री के पास मेरा/ सर्वकालिक ठिकाना है’–इस
‘व्याकुल मन को जीतकर/ इच्छाशक्ति से नव निर्माण के लिए/ सब तोड़ती हुई स्त्री के पास मेरा/ सर्वकालिक ठिकाना है’–इस