प्रतिरोध, आत्मान्वेषण, पश्चाताप और समकालीन यथार्थ का काव्य-आख्यान / हर्ष पाठक

समकालीन साहित्य में कविता केवल सौंदर्यशास्त्रीय उपभोग की वस्तु न होकर अपने समय के सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ, अधिनायकवादी रुझानों और मानवीय

निर्मम पूँजी तंत्र में अपनी पहचान खोता मनुष्य / संजय कुंदन  

जर्मन नाटककार मारियुस फ़ॉन मायेनबुर्ग के नाटक डेर हेस्लिषे पर आधारित और चर्चित नाट्य निर्देशक तथा नाटककार सपन सारन द्वारा निर्देशित

जलेस के 11 वें राष्ट्रीय सम्मेलन (19-21 सितंबर 2025, बाँदा) में पारित प्रस्ताव

19-21 सितंबर को बाँदा में हुए जलेस के ग्यारहवें राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल दस प्रस्ताव रखे गये और मामूली संशोधनों

जनवादी लेखक संघ के 11 वें राष्ट्रीय सम्मेलन (19-21 सितंबर 2025, बाँदा) में पारित केंद्र की रिपोर्ट

जनवादी लेखक संघ के ग्यारहवें राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र की रिपोर्ट का जो मसौदा पेश किया गया, उस पर बहस

जनवादी लेखक संघ का ग्यारहवाँ राष्ट्रीय सम्मेलन : एक संक्षिप्त रिपोर्ट / नलिन रंजन सिंह

‘हम लेखक हैं तो हर शब्द की अपनी एक ज़िम्मेदारी है। दुनिया भर के लेखकों ने इसे निभाया है। शब्दों

‘साथियो, हमने कर दिखाया’ : लखनऊ में जलेस उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन / शालिनी सिंह

13-14 अप्रैल 2025 को जनवादी लेखक संघ, उत्तर प्रदेश का राज्य सम्मेलन लखनऊ में सम्पन्न हुआ। उसे याद करते हुए

युद्ध नहीं, आतंक नहीं / अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रतिरोध अभियान ‘हम देखेंगे’ का बयान

आज तारीख 06/06/2025 को अखिल भारतीय सांस्कृतिक प्रतिरोध अभियान हम देखेंगे  की ओर से निम्नांकित वक्तव्य जारी किया गया: युद्ध

‘हमें इंसानियत के लिए लिखना होगा’ : अंतरभाषायी दलित परिसंवाद की रपट / सावित्रेय श्रवण

जनवादी लेखक संघ द्वारा अंतरभाषायी दलित परिसंवाद के अन्तर्गत ‘लोकतंत्र, संविधान और दलित साहित्य’ विषय पर दिनांक 29-30 मार्च 2025