उपासना गौतम की कविताएँ / प्रस्तुति : बजरंग बिहारी तिवारी
दलित स्त्री कविता का स्वर भिन्न तरीके से प्रश्नवाची रहा है। इस स्वर ने दलितवादी प्रश्नवाचकता को बहुआयामी बनाया है।
दलित स्त्री कविता का स्वर भिन्न तरीके से प्रश्नवाची रहा है। इस स्वर ने दलितवादी प्रश्नवाचकता को बहुआयामी बनाया है।
न्याय रहित अदालती फ़ैसला आख़िरकार ग्यारह साल बाद अदालत किसी नतीजे तक पहुँची। नतीजा अप्रत्याशित नहीं था। जाति आधारित हिंसा
सुमित की कविताएँ सुमित अपने कवि-कर्म को लेकर गंभीर हैं यद्यपि उनकी काव्ययात्रा आरंभ हुए ज़्यादा दिन नहीं हुए हैं।
बजरंग बिहारी तिवारी के इस सुदीर्घ लेख के पांचवें भाग में : राजकमल चौधरी, परमानन्द श्रीवास्तव, विजेंद्र, कुमार विकल और
‘प्रगतिशील काव्यधारा में दलित स्त्री’ बजरंग बिहारी तिवारी का सुदीर्घ आलेख है जिसके 7 भाग लिखे जा चुके हैं और आगे के
‘प्रगतिशील काव्यधारा में दलित स्त्री’ बजरंग बिहारी तिवारी का सुदीर्घ आलेख है जिसके 7 भाग लिखे जा चुके हैं और आगे के
‘प्रगतिशील काव्यधारा में दलित स्त्री’ बजरंग बिहारी तिवारी का सुदीर्घ आलेख है जिसके 7 भाग लिखे जा चुके हैं और आगे के
‘प्रगतिशील काव्यधारा में दलित स्त्री’ बजरंग बिहारी तिवारी का सुदीर्घ आलेख है जिसके 7 भाग लिखे जा चुके हैं और
‘धर्मांतरण : आंबेडकर की धम्म यात्रा’ बाबासाहेब आंबेडकर के धर्मांतरण संबंधी लेखन और भाषणों का संकलन है। इसे संपादित किया