‘स्टालिनग्राद’ : इतिहास की विराटता के बीच मनुष्य की खोज / महेश मिश्र
‘दोस्तोएव्स्की मनुष्य की आत्मा के भीतर उतरते हैं। ग्रॉसमैन उसी आत्मा को इतिहास, राज्य, युद्ध और विचारधारा के दबाव के
‘दोस्तोएव्स्की मनुष्य की आत्मा के भीतर उतरते हैं। ग्रॉसमैन उसी आत्मा को इतिहास, राज्य, युद्ध और विचारधारा के दबाव के
‘तोलस्तोय पतित स्त्री के चरित्र को ध्यान में रखकर यह उपन्यास लिखना शुरू करते हैं, पर आन्ना का चरित्र जिस
‘विनीताभ अपनी कविता के माध्यम से झूठ से भरे इस वक़्त की पहचान करते हैं।’–कुमार विनीताभ के संग्रह इस वक़्त
लगता है, लंबे समय तक सिर्फ़ पढ़ाई में लगे रहने के बाद महेश मिश्र दुबारा लिखाई में लौटे हैं। नया
कवि के रूप में शालिनी सिंह और सीमा सिंह से नया पथ के पाठकों का पुराना परिचय है। यहाँ सीमा
विजय राही के संग्रह दूर से दिख जाती है बारिश पर प्रेमचंद गांधी की ज़रूरी टिप्पणी। युवा कवि विजय राही
विगत 4 जून 2026 को ईरान की मशहूर लेखिका, चित्रकार और लोकतान्त्रिक आंदोलनों की मुखर हिमायती मरजाने सतरापी का इंतकाल
“यह संग्रह उस समय में है जब मनुष्य और प्रकृति के बीच का संबंध तेज़ी से टूट रहा है और
‘मैरी रॉय के बहाने अरुंधती ने बार बार खुद से मिलवाया है।’ —मदर मैरी कम्स टू मी को पढ़ने के बाद