तर्कशील आंदोलन को अपनी भविष्यदृष्टि (vision ) का सवाल हल करना है / सुभाष गाताडे
[यह The Unheard Voice की तरफ़ से 20 अगस्त 2026 को Youtube पर आयोजित चर्चा का लिप्यंकन है। तेरह साल
[यह The Unheard Voice की तरफ़ से 20 अगस्त 2026 को Youtube पर आयोजित चर्चा का लिप्यंकन है। तेरह साल
“बात दृष्टि के कोण की नहीं, पूरी दृष्टि की है। मेरी नज़र में उनकी दृष्टि द्वेषपूर्ण है। देखिए, द्वेष का
रूसी फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने गुलाबी शहर जयपुर में एक हाथी को गुलाबी रंग में रंगने का प्रयोग किया। ऐसा
‘दुनिया जिन हस्तियों की तरफ़ बड़ी उम्मीद से देखती थी, वे एप्सटीन गांव के निवासी निकले।… इस विलेज ने पूरी
‘आज हम औपनिवेशिक ग़ुलामी के एक नये दौर में प्रवेश कर चुके हैं। यह ग़ुलामी केवल अमरीका की नहीं है
“सत्य का सम्यक स्वरूप वह है जिसके केन्द्र में तथ्य या प्रमाण नहीं, बल्कि मनुष्य की अंतर्निहित संवेदना और अस्तित्व
“ग्राम्शी ने क्रांति को केवल सत्ता–हस्तांतरण की घटना नहीं माना, बल्कि उसे एक लंबी सांस्कृतिक प्रक्रिया बताया। यदि पूँजीवाद अपनी
भाषा का मसला पहले से भी, और इन दिनों विशेष रूप से, विवादों में रहा है। हमें कैसी हिंदी चाहिए,
“स्योहारवी ने रूढ़िवादी माने जाने वाले संस्थान से होकर भी आधुनिकता के साथ संवाद स्थापित किया और पाकिस्तान आंदोलन की