रचना

इस बार ‘ऊंचाई की नोक से आसमान में ख़त लिखते पहाड़ों को’ निहारनेवाले श्री कृष्ण नीरज की कविताएँ : 1.

विभिन्न माध्यमों में लगातार प्रकाशित होनेवाले कवि प्रदीप मिश्र परमाणु ऊर्जा विभाग के राजा रामान्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, इंदौर में

सरगर्मी

19-21 सितंबर को बाँदा में हुए जलेस के ग्यारहवें राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल दस प्रस्ताव रखे गये और मामूली संशोधनों

विचार

प्रताप दीक्षित के नवीनतम कहानी संग्रह ‘कगार के आख़िरी सिरे पर’ की समीक्षा कर रहे हैं माधव महेश. ‘उम्मीद पर

“मैं जीवन भर यह अनुसंधान करता रहा हूँ कि किस प्रकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों की परंपरा और उनके विकास

“ये लघुकथाएं एक संक्षिप्त काल की हैं, फिर भी लेखक ने परिस्थितियों, विचारों और बयान करने की कला को दोहराने

अस्मिता

‘धर्मांतरण : आंबेडकर की धम्म यात्रा’ बाबासाहेब आंबेडकर के धर्मांतरण संबंधी लेखन और भाषणों का संकलन है। इसे संपादित किया

विगत 32 वर्षों से मानव-शास्त्र और समाज-शास्त्र के अध्ययन और अध्यापन में लगे ज्ञान चंद बागड़ी इन दिनों आदिवासी इलाक़ों

चंचल चौहान की पुस्तक, ‘साहित्य का दलित सौंदर्यशास्त्र’ राधाकृष्ण प्रकाशन से हाल ही में प्रकाशित हुई है। भूमिका, उपसंहार और

देशकाल

“भारतीय संविधान के मूल में यह मान्यता थी कि भारत विभिन्न राष्ट्रीयताओं का संघ है क्योंकि भारत विभिन्न भाषाओं, क्षेत्रीय

19-21 सितंबर को बाँदा में हुए जलेस के ग्यारहवें राष्ट्रीय सम्मेलन में कुल दस प्रस्ताव रखे गये और मामूली संशोधनों

जनवादी लेखक संघ के ग्यारहवें राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्र की रिपोर्ट का जो मसौदा पेश किया गया, उस पर बहस

आलोचना

कथाकार अमरकांत के इस जन्मशती वर्ष में आप पहले ‘ज़िंदगी और जोंक’ पर चंचल चौहान का लेख पढ़ चुके हैं।

‘एक भ्रांति है कि किसी नामचीन आलोचक के फ़तवे से कोई कहानी महान हो सकती है। वह कालजयी तो अपनी

‘द बुक थीफ़ ‘ को अक्सर ‘एक युद्ध में फँसी बच्ची की कहानी’ समझा जाता है, लेकिन यह भाषा की