उमैरा अहमद और स्त्रियों के रोज़मर्रा को स्वर देती कहानियाँ / अदिति भारद्वाज

‘उमैरा अहमद के लेखन में सामाजिक जटिलताओं में, नैतिक दुविधाओं में फँसी वे तमाम स्त्रियाँ हैं जो चुपचाप हर दिन

ऋत्विक घटक : सिनेमा के मौलिक चिंतक और विभाजन की त्रासदी के फिल्मकार / जवरीमल्ल पारख

“मैं जीवन भर यह अनुसंधान करता रहा हूँ कि किस प्रकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों की परंपरा और उनके विकास

फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी (राज कपूर : नेहरू युग का प्रतिनिधि फ़िल्मकार) / जवरीमल्ल पारख

हिन्दी सिनेमा के निर्माता, निर्देशक और अभिनेता राज कपूर का जन्म 14 दिसम्बर, 1924 को पेशावर (अब पाकिस्तान में) में