आन्ना करेनिना : एक आत्मीय पढ़त / महेश मिश्र
‘तोलस्तोय पतित स्त्री के चरित्र को ध्यान में रखकर यह उपन्यास लिखना शुरू करते हैं, पर आन्ना का चरित्र जिस
‘तोलस्तोय पतित स्त्री के चरित्र को ध्यान में रखकर यह उपन्यास लिखना शुरू करते हैं, पर आन्ना का चरित्र जिस
‘जिस किसी ने भी स्वतंत्रता संग्राम का अध्ययन किया है, वह जानता है कि हिंदुत्व संगठनों, विशेषकर आरएसएस के लिए
हमारे दौर में न्याय-व्यवस्था का जो हश्र हुआ है, उसे इस दौर के विशिष्ट कवि हरीश चन्द्र पाण्डे की यह
सुमित की कविताएँ सुमित अपने कवि-कर्म को लेकर गंभीर हैं यद्यपि उनकी काव्ययात्रा आरंभ हुए ज़्यादा दिन नहीं हुए हैं।
‘विनीताभ अपनी कविता के माध्यम से झूठ से भरे इस वक़्त की पहचान करते हैं।’–कुमार विनीताभ के संग्रह इस वक़्त
प्रकाश चंद्रायन को ‘नया पथ’ के प्रिंट संस्करण से लेकर ऑनलाइन तक आप पहले से पढ़ते आये हैं। उनका एक
नया पथ में इस बार वरिष्ठ और सुपरिचित कवि अनिल गंगल की कविताएँ। भविष्य के लिए, स्वाद, एक टिटिहरी की
जर्मन नाटककार मारियुस फ़ॉन मायेनबुर्ग के नाटक डेर हेस्लिषे पर आधारित और चर्चित नाट्य निर्देशक तथा नाटककार सपन सारन द्वारा निर्देशित
बजरंग बिहारी तिवारी के इस सुदीर्घ लेख के पांचवें भाग में : राजकमल चौधरी, परमानन्द श्रीवास्तव, विजेंद्र, कुमार विकल और