‘स्टालिनग्राद’ : इतिहास की विराटता के बीच मनुष्य की खोज / महेश मिश्र

‘दोस्तोएव्स्की मनुष्य की आत्मा के भीतर उतरते हैं। ग्रॉसमैन उसी आत्मा को इतिहास, राज्य, युद्ध और विचारधारा के दबाव के