‘लाइफ़ एंड फ़ेट’ : सत्ता के सामने मनुष्य की अंतिम स्वतंत्रता / महेश मिश्र
बीसवीं सदी के युद्ध और शांति के रूप में ख्यात लाइफ़ एण्ड फ़ेट की एक चिट्ठी के बारे में महेश
बीसवीं सदी के युद्ध और शांति के रूप में ख्यात लाइफ़ एण्ड फ़ेट की एक चिट्ठी के बारे में महेश
‘दोस्तोएव्स्की मनुष्य की आत्मा के भीतर उतरते हैं। ग्रॉसमैन उसी आत्मा को इतिहास, राज्य, युद्ध और विचारधारा के दबाव के
[यह The Unheard Voice की तरफ़ से 20 अगस्त 2026 को Youtube पर आयोजित चर्चा का लिप्यंकन है। तेरह साल
“बात दृष्टि के कोण की नहीं, पूरी दृष्टि की है। मेरी नज़र में उनकी दृष्टि द्वेषपूर्ण है। देखिए, द्वेष का
‘मणि कौल के लिए साहित्यिक कृति फिल्म निर्माण के लिए कच्चे माल की तरह नहीं थी। साहित्यिक कृति पर फिल्म
‘तोलस्तोय पतित स्त्री के चरित्र को ध्यान में रखकर यह उपन्यास लिखना शुरू करते हैं, पर आन्ना का चरित्र जिस
‘विनीताभ अपनी कविता के माध्यम से झूठ से भरे इस वक़्त की पहचान करते हैं।’–कुमार विनीताभ के संग्रह इस वक़्त
लगता है, लंबे समय तक सिर्फ़ पढ़ाई में लगे रहने के बाद महेश मिश्र दुबारा लिखाई में लौटे हैं। नया
कवि के रूप में शालिनी सिंह और सीमा सिंह से नया पथ के पाठकों का पुराना परिचय है। यहाँ सीमा