समीना ख़ान की कहानी ‘बयाज़’ पर चर्चा / जनवादी लेखक संघ, लखनऊ
जनवादी लेखक संघ लखनऊ द्वारा 15 अगस्त को समीना ख़ान की कहानी ‘बयाज़’ का पाठ रखा गया। इस वर्ष समीना
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14 जुलाई 2024 को साथी कांतिमोहन ‘सोज़’ हमारे बीच नहीं रहे। जनवादी लेखक संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक,
लखनऊ के सामाजिक संगठनों, महिला, छात्र व नौजवान संगठनों सहित लेखकों व संस्कृतिकर्मियों ने अंबेडकर विश्वविद्यालय में, प्रशासन से बातचीत
दिनांक 17 मार्च 2024 (रविवार) को जनवादी लेखक संघ, बिहार द्वारा ‘कविता की जमीन-4’ (उत्तर प्रदेश) का आयोजन बिहार माध्यमिक
भोपाल। “ये सम्प्रेषणीयता की बेचैनियों और भाषा की सैद्धांतिकी की बारीक समझ से भरी कविताएं हैं। आत्म और संसार की
दिनांक 07 अप्रैल, 2024 को जनवादी लेखक संघ, फ़ैज़ाबाद के तत्वावधान में ‘जनपद की कविता’ आयोजन में लखनऊ के कवियों
अंग्रेजी के ख्यात कवि, कला-समीक्षक, कला-सिद्धांतकार, और लल द्यद का अंग्रेजी में अनुवाद करनेवाले रणजीत होसकोटे ने इंटरनेशनल सेंटर गोवा
सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में उत्पात मचानेवालों को सज़ा दो! ललित कला केंद्र के विद्यार्थियों और अध्यक्ष पर लगाये आरोप वापस लो!
‘ढाई आखर प्रेम : राष्ट्रीय सांस्कृतिक जत्था’ 28 सितंबर 2023 (भगत सिंह जन्म दिवस) से लेकर 30 जनवरी 2024 (महात्मा