क्यों ज़रूरी है दूसरी जंगे आज़ादी / आशुतोष कुमार
‘इस बिलियनेयर राज से लड़ना ब्रिटिश राज से लड़ने की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल है। ब्रिटिश राज के पास
‘इस बिलियनेयर राज से लड़ना ब्रिटिश राज से लड़ने की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल है। ब्रिटिश राज के पास
“भारतीय जनसंघ को जनता पार्टी में शामिल करने के ख़तरे की ओर न केवल किसी ने ध्यान नहीं दिया बल्कि
“भारत की मूलभूत संकल्पना में संघात्मकता अंतर्निहित है और उसे एक राष्ट्र के रूप में कल्पित नहीं किया गया है
एक जागरूक और विचारवान राष्ट्र ही लोकतंत्र की रक्षा कर सकता है। क्या भारत के पास अपने लोकतंत्र को बचाने
‘दरअसल, हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का कोई अंग ऐसा नहीं है जो इस सांप्रदायिक फ़ासीवादी सरकार के निशाने से बाहर है।’
‘धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में यक़ीन करने वालों को नरेंद्र मोदी और भाजपा के सत्ता में आने को लेकर
18 वीं लोकसभा के लिए आम चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होने वाले हैं। इस मौक़े पर पिछले लगभग पांच
‘इसे 11 मार्च, 2024 को लागू किया गया जब 2024 के संसदीय चुनाव कुछ सप्ताह दूर थे। भारत के पड़ोस
भाजपा सरकार ने 2017 में तमाम विपक्षी दलों के विरोध और चुनाव आयोग तथा रिज़र्व बैंक की मनाही के बावजूद