‘घुसपैठिया’ बनाम ‘बहिरागत’ : चुनावी जीत के लिए कुछ भी! / श्रीनिवास
झारखंड में मतदान के पहले चरण की पूर्वसंध्या पर भाजपा के बहकाऊ और भड़काऊ नारे की पड़ताल कर रहे हैं
झारखंड में मतदान के पहले चरण की पूर्वसंध्या पर भाजपा के बहकाऊ और भड़काऊ नारे की पड़ताल कर रहे हैं
2023 के अक्टूबर महीने से गज़ा में काम करनेवाले 99 अमरीकी मेडिकल पेशेवरों ने इस साल 2 अक्टूबर को अमरीकी
‘दमनकारी अंग्रेज़ शासक और उनके मुस्लिम लीगी प्यादों के बारे में तो सच्चाईयां जगज़ाहिर हैं, लेकिन अगस्त क्रांति के हिंदुत्ववादी
26 जून 1975 की सुबह जिस आपातकाल की घोषणा की गयी, उसका दुहराव न हो, इसके लिए जनता सरकार ने
“2024 के चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने जिस तरह सांप्रदायिक घृणा का प्रचार किया, उसकी
आधुनिकता को पश्चिम की वर्चस्वकारी परियोजना बताने वालों ने जब उसके एक स्तंभ के रूप में विवेक को ख़ारिज किया
‘इस बिलियनेयर राज से लड़ना ब्रिटिश राज से लड़ने की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल है। ब्रिटिश राज के पास
“भारतीय जनसंघ को जनता पार्टी में शामिल करने के ख़तरे की ओर न केवल किसी ने ध्यान नहीं दिया बल्कि
“भारत की मूलभूत संकल्पना में संघात्मकता अंतर्निहित है और उसे एक राष्ट्र के रूप में कल्पित नहीं किया गया है