“हूबनाथ पाण्डेय की कविताएँ ‘वर्गबोध’ की कविताएँ हैं”- प्रो. बजरंग बिहारी / जनवादी लेखक संघ, मुंबई

18 अगस्त 2024 को मुंबई विश्वविद्यालय में ‘राजनीतिक कविता की परंपरा व भूमिका’ विषय पर प्रोफ़ेसर हूबनाथ पांडेय की कविताओं

भारत छोड़ो आंदोलन 1942 से ग़द्दारी की कहानी: आरएसएस और सावरकर की ज़बानी / शम्सुल इस्लाम

‘दमनकारी अंग्रेज़ शासक और उनके मुस्लिम लीगी प्यादों के बारे में तो सच्चाईयां जगज़ाहिर हैं, लेकिन अगस्त क्रांति के हिंदुत्ववादी

‘महाराज’ : अंधभक्ति, अविवेक और धर्म-सत्ता (भाग-2) / जवरीमल्ल पारख

‘महाराज’ फिल्म पर जवरीमल्ल पारख के विस्तृत आलेख का दूसरा भाग : ————————————————————— महाराज : अतीत में वर्तमान महाराज एक