अंतोन चेखव : कुछ नोट्स / महेश मिश्र
साहित्य-दृष्टि वस्तुतः जीवन-दृष्टि का ही विस्तार है, यह बात चेखव पर लिखी गई महेश मिश्र की इस छोटी और गहरी
साहित्य-दृष्टि वस्तुतः जीवन-दृष्टि का ही विस्तार है, यह बात चेखव पर लिखी गई महेश मिश्र की इस छोटी और गहरी
“राष्ट्र-राज्य की अवधारणा किस तरह सांस्कृतिक शुद्धता की अवधारणा से जुड़कर अंध-राष्ट्रवाद की ओर बढ़ती है, इसे कृष्णा सोबती अपने
‘रामेश्वर प्रशांत की कविताओं में प्रकृति की कठोरता चित्रित है तो प्राकृतिक उपादानों के माध्यम से दुराचारियों-अत्याचारियों की करतूतों का
2022 में हरित साहित्य/ग्रीन लिटरेचर पर केंद्रित एक ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में इस विषय पर बोलने का मौक़ा मिला
‘समाज की तश्कील-ए-नौ (नया आकार देना) एक मंसूबे पर मुन्हसिर है और इसके लिए एक तंज़ीम की ज़रूरत है।’– तरक़्क़ी
‘ “शमशेर की काव्यानुभूति की बनावट” निबंध को अंत तक पढ़ लेने के बाद आप पाएंगे कि इसमें सत्य को
20 अप्रैल 2024 से आलोचक और जनवादी लेखक संघ के संस्थापक महासचिव चंद्रबली सिंह का जन्मशती वर्ष आरंभ हुआ है।
9-10 सितंबर, 2023 को इलाहाबाद में प्रलेस, जलेस और जसम के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित ‘शेखर जोशी स्मृति आयोजन’ के
हरिशंकर परसाई की जन्मशती बीतते-बीतते उनकी मृत्यु के लगभग 30 वर्ष पूरे हो जायेंगे। 1995 में उनकी मृत्यु हुई थी