ललित कला केंद्र, सवित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की घटना पर जनवादी लेखक संघ का बयान
सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में उत्पात मचानेवालों को सज़ा दो! ललित कला केंद्र के विद्यार्थियों और अध्यक्ष पर लगाये आरोप वापस लो!
सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में उत्पात मचानेवालों को सज़ा दो! ललित कला केंद्र के विद्यार्थियों और अध्यक्ष पर लगाये आरोप वापस लो!
नियंत्रण जो समझता है आपकी भाषा वही आपके नियंत्रण में आता है चींटी नहीं समझती मनुष्य की भाषा इसलिए वह
युवा कवि वरुण प्रभात के प्रथम कविता-संग्रह, अंतहीन रास्ते से गुज़रना प्रीतिकर भी है और आश्वस्तिपरक भी। प्रीतिकर इस अर्थ
अगर वह आज़ादी एक आत्माहीन शरीर की थी, तो उसे आज़ादी कैसे कहा जा सकता है और अगर उस देह
9-10 सितंबर, 2023 को इलाहाबाद में प्रलेस, जलेस और जसम के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित ‘शेखर जोशी स्मृति आयोजन’ के
अली मदीह हाशमी की किताब प्रेम और क्रांति : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की जीवनी (अनुवाद : अशोक कुमार, 2021, सेतु
साहित्य का एक काम ताक़तवर आख्यानों के सामने प्रति-आख्यान रख देना है। संदीप मील की यह कहानी मौजूदा ‘अयोध्या -कांड
पुस्तक समीक्षा संवाद के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उसकी पांचवीं कड़ी में जनवादी लेखक संघ (जलेस) ने प्रो. गोपाल
हरिशंकर परसाई की जन्मशती बीतते-बीतते उनकी मृत्यु के लगभग 30 वर्ष पूरे हो जायेंगे। 1995 में उनकी मृत्यु हुई थी