क्रांति, स्मृति और आत्म-पहचान के बीच: वर्तमान में ‘परसेपोलिस’ की प्रासंगिकता / डॉ सुमन पाण्डेय
विगत 4 जून 2026 को ईरान की मशहूर लेखिका, चित्रकार और लोकतान्त्रिक आंदोलनों की मुखर हिमायती मरजाने सतरापी का इंतकाल
विगत 4 जून 2026 को ईरान की मशहूर लेखिका, चित्रकार और लोकतान्त्रिक आंदोलनों की मुखर हिमायती मरजाने सतरापी का इंतकाल
अनुपस्थिति का भूगोल, स्थायित्व का विघटन : केशव तिवारी की ‘पता पूछते’ कविता में उत्तर-औपनिवेशिक संवेदना ‘पहली दृष्टि में यह
‘उमैरा अहमद के लेखन में सामाजिक जटिलताओं में, नैतिक दुविधाओं में फँसी वे तमाम स्त्रियाँ हैं जो चुपचाप हर दिन
मेट गाला 2026 में सौंदर्य, समाज और समकालीन दृश्य-संस्कृति की एक आलोचनात्मक समीक्षा समकालीन विश्व में कुछ सांस्कृतिक आयोजन केवल
“यह संग्रह उस समय में है जब मनुष्य और प्रकृति के बीच का संबंध तेज़ी से टूट रहा है और
चार-पाँच साल पहले एक मित्र ने योजना बनायी कि कुछ लोगों के दस वर्ष की उम्र तक के संस्मरणों की
“मैं किस बात पर बोलता हूं, किस बात पर चुप रहता हूं। किस बात पर क़दम आगे बढ़ाता हूं, किस
राम निहोर तिवारी के नवगीत प्रकृति की सुंदरता से लेकर व्यवस्था की कमियों तक, कितनी ही चीज़ों पर बहुत सहज-स्वाभाविक